| 000 | 01304nam a22003017a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20121218110321.0 | ||
| 008 | 121211t xxu||||| |||| 00| 0 hin d | ||
| 010 | _aHIN-97747 | ||
| 020 | _c150.00 | ||
| 035 | _aHN-70093 | ||
| 037 | _bDBAD / PUB | ||
| 040 |
_aDPL _bHN |
||
| 082 | _a920 | ||
| 100 |
_927482 _aखरे, गणेश |
||
| 245 |
_aजाजल्यदेव कीर्तिः _cगणेश खरे _bसारी पृथ्वी में आपने न ऐसा राजा देखा होगा, न सुना होगा / |
||
| 260 |
_bशताक्षी प्रकाशन _c2011 _aइलाहाबाद |
||
| 270 |
_a136/84/1, पुराना बैरहना _bइलाहाबाद |
||
| 300 | 1 |
_a285पृ. _c22सेमी (सजिल्द) |
|
| 500 | _aसमान ISBN 8190269526 शीर्षक 'शिक्षा में गुणात्मक विकास की दिशाएँ ' | ||
| 650 | _91170 | ||
| 650 | _91169 | ||
| 700 | _927483 | ||
| 700 | _954374 | ||
| 710 | _952094 | ||
| 711 | _952444 | ||
| 942 |
_adpl _cHN _2ddc _mखरेग _h920 |
||
| 999 |
_c72226 _d72226 |
||