| 000 | 05503nam a22004697a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 2010101908158.0 | ||
| 008 | 101019t xxu||||| |||| 00| 0 hin d | ||
| 010 | _aHIN-93936 B-479683-698 | ||
| 020 |
_c400.00 _a9789380271781 |
||
| 035 | _aHN-66282 B-479683-698 | ||
| 037 | _bDBAD / PUB | ||
| 037 | _bब्लूबेरी बुक्स | ||
| 040 |
_aDPL _bHN |
||
| 082 | _a808.883 | ||
| 100 |
_923632 _aएम.वी.वीरेंन्द्र कुमार |
||
| 245 |
_aवादियां बुलाती हैं हिमालय की _cएम.वी.वीरेंन्द्र कुमार;पी.के.राधामणि द्वारा अनुवादित _bकेंद्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त (मलयालम में) / |
||
| 260 |
_aजयपुर _bपत्रिका प्रकाशन _c2011 |
||
| 270 |
_a409, लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स, एम.आई.रोड _bजयपुर _e302001 _k0141- 3005974 _mpatrikapublication@epatrika.com |
||
| 300 |
_a584पृ. _c22सेमी (सजिल्द) |
||
| 650 | _9657 | ||
| 650 | _934273 | ||
| 700 |
_934278 _aराधामणि,पी.के. |
||
| 942 |
_2ddc _cHN _h808.883 _mएमवी |
||
| 999 |
_c56729 _d56729 |
||