| 000 | 04166nam a22004217a 4500 | ||
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| 010 | _aHIN-86554 | ||
| 020 |
_a8181080319 _c175.00 |
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| 035 | _aHN-58900 | ||
| 035 | _aB-356130-140 | ||
| 037 | _bDBAD / PUB | ||
| 037 | _bयुगबोध साहित्य | ||
| 040 |
_adpl _bhn |
||
| 082 | _a158.1 | ||
| 245 |
_aस्वेट मार्डेन कृत जब तुम जागो तभी सवेरा / _cवेद प्रकाश सोनी द्वारा रूपातंरित; विवेक कौशिक द्वारा चित्रांकित |
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| 246 | _aSavet Modren Krit Jab Tum Jago Tabhi Savera | ||
| 260 |
_aदिल्ली _bयुगबोध साहित्य _c2009 |
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| 270 |
_a518य6 बी, कड़कड़ी रोड, विश्वास नगर, शाहदरा _bदिल्ली-110032 |
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| 300 |
_a144 पृ. _bसचित्र _c22सेमी (सजिल्द) |
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| 650 | _aजीवन कौशल | ||
| 650 | _aLife skills | ||
| 700 | _aकौशिक, विवेक | ||
| 942 |
_2ddc _cHN _mस्वेटमा _h158.1 |
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| 999 |
_c26567 _d26567 |
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