| 000 | 04217nam a22004577a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20090102122541.0 | ||
| 010 | _a B-349608-614 B-436178-182 | ||
| 020 |
_c25.00 _a8182637120 |
||
| 035 | _a B-349608-614 | ||
| 035 | _aB-436178-182 | ||
| 037 | _bप्रथम बुक्स | ||
| 037 | _bब्लयूबेरी बुक्स | ||
| 082 | _a क | ||
| 100 |
_a _932037 |
||
| 245 |
_aमुफ़्त के तीन / _cवीना सेशाद्री द्वारा पुनर्लेखन; ग्रेस्ट्रोक द्वारा चित्रांकित; ऋतु सिंह द्वारा अनुदित |
||
| 246 |
_a _b |
||
| 260 |
_aनई दिल्ली _bप्रथम बुक्स _c2005 |
||
| 270 |
_aबी-3/4, प्रथम तल, सफदरज़ंग एन्क्लेव _bनई दिल्ली _e110 029 _k011-65684113 _l _mwww.prathambooks.org |
||
| 300 |
_a15पृ.; _c24सेमी (अजिल्द) _bसचित्र |
||
| 490 |
_a _932038 |
||
| 500 | _aताइवान की एक लोककथा | ||
| 700 |
_aसेशाद्री, वीना _931337 |
||
| 700 |
_aग्रेस्ट्रोक _931338 |
||
| 700 |
_aऋतु सिंह _931339 |
||
| 710 |
_aजोशी, मधुबाला _931340 |
||
| 942 |
_2ddc _cCH _mमुफ्तके _h क |
||
| 999 |
_c21913 _d21913 |
||