| 000 | 01019nam a22002057a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20240704131322.0 | ||
| 010 | _aHIN-127930 | ||
| 020 |
_c300.00 _a9789390101887 |
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| 035 | _aHN-100276 | ||
| 037 | _bDBAD | ||
| 082 | _aक | ||
| 100 |
_aमाहेश्वरी, आनंद प्रकाश _968141 |
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| 245 |
_aन तीन में, न तेरह में मृदंग बजाये डेरे में: _bअपनी धुन के धनी की एक गाथा/ _cआनंद प्रकाश माहेश्वरी तथा विनीता चांडक |
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| 250 | _aप्रथम | ||
| 260 |
_aनई दिल्ली _bप्रभात प्रकाशन _c2020 |
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| 270 |
_a4/19 आसफ अली रोड _bनई दिल्ली _e110002 _mprabhatbooks@gmail.com |
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| 300 |
_a152 पृ. _c23 सेमी. (सजिल्द) |
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| 700 |
_aचांडक, विनीता _968142 |
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| 942 |
_2ddc _cHN _hक _mमाहेश्व |
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| 999 |
_c203961 _d203961 |
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