| 000 | 01416nam a22002297a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 999 |
_c195159 _d195159 |
||
| 005 | 20230530153429.0 | ||
| 010 | _aB-749463-465 | ||
| 020 |
_a9789382031703 _c1295.00 (भाग-1) |
||
| 035 | _aB-749463-465 | ||
| 037 | _bगुप्ता प्रकाशन | ||
| 082 | _a181.45 | ||
| 100 | _aतिलक, बालगंगाधर | ||
| 245 |
_aगीता-रहस्यःकर्मयोग शास्त्र / _cलोकमान्य बालगंगाधर तिलक; माधवराव सप्रे द्वारा अनुदित |
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| 246 |
_aGeeta Rahsya:Karmyog Shashtra _bby Lokmanya Balgangadhar Tilak |
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| 260 |
_aफरीदाबाद _bगुप्ता प्रकाशन _c2022 |
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| 270 |
_a1393,सेक्टर-16 _bफरीदाबाद _e121001 |
||
| 300 |
_axxiv,485पृ _c22 सेमी (सजिल्द) |
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| 505 | _aभा.1- कर्मयोग शास्त्र :श्रीमद्भगवदगीता की बहिरंग परीक्षा | ||
| 700 | _aसप्रे, माधवराव | ||
| 942 |
_adpl _cHN _2ddc _h181.45 _mलोकमा |
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