| 000 | 00824 a2200181 4500 | ||
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| 999 |
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| 010 | _aHIN-124185 | ||
| 020 |
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| 035 | _aHN-96531 | ||
| 037 | _bDBAD/PUB | ||
| 082 | _a821 | ||
| 100 | _aशर्मा,आरती | ||
| 245 |
_aघुप्प अँधेरे: _cआरती शर्मा एवं अजय कुमार शर्मा _bमन के गुबार को उघड़ाती संभालती कवितायेँ और हाइकू/ |
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| 260 |
_aइंडिया _bनेशन प्रेस _c2022 |
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| 300 |
_a440पृ.: _c22सेमी(अजिल्द) _bसचित्र |
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| 700 | _aशर्मा ,अजय कुमार | ||
| 942 |
_adpl _cHN _2ddc _h821 _mशर्माआ |
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