| 000 | 00815nam a22001817a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 999 |
_c187902 _d187902 |
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| 005 | 20220505104402.0 | ||
| 010 | _aHIN-123279 | ||
| 020 |
_a978-93-829689-4-8 _c595.00 |
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| 035 | _aHN-95625 | ||
| 037 | _bDBAD/PUB | ||
| 082 | _aक | ||
| 245 |
_aफिर रोया विभीषण / _cगोपाल नारायन श्रीवास्तव द्वारा कथाकार |
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| 260 |
_aनई दिल्ली _bअवनी पब्लिकेशंस _c2020 |
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| 270 |
_aआर जेड-45 डी, गली नं.-2, मेन सागरपुर _bनई दिल्ली _e110046 |
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| 300 |
_a241 पृ. _c22 सेमी (सजिल्द) |
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| 700 | _aश्रीवास्तव, गोपाल नारायन | ||
| 942 |
_cHN _2ddc _hक _mफिररो |
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