| 000 | 02317nam a22003257a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20081114100930.0 | ||
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| 010 | _aHIN-84864 | ||
| 020 |
_a9788171246342 _c300.00 |
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| 035 | _aHN-57210 | ||
| 037 | _bDBAD / PUB | ||
| 040 |
_aDPL _bHN |
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| 082 | _a410 | ||
| 245 |
_aपिंगल कृत छन्दःसूत्रम्: _cकपिलदेव द्विवेदी एवं श्यामलाल सिंह द्वारा अनुदित _b(वैदिक गणितीय अनुप्रयोगों सहित) / |
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| 246 |
_aPingla krit chandah:sutram : ( Vedic ganitya anuprayogon sahit ) _btranslated by Kapildev Diwedi and Shyamlal Singh |
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| 260 |
_aवाराणसी _bविश्वविद्यालय प्रकाशन _c2008 |
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| 270 |
_aपो.बा. 1149, विशालाक्षी भवन, चौक _bवाराणसी _e221001 _k0542 2413741, 2413082 _msales@vvpbooks.com |
||
| 300 |
_axxiii,315पृ _c22सेमी (सजिल्द) |
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| 500 | _a(हिन्दी व अंग्रेजी अनुवाद सहित) | ||
| 500 | _aवैदिक और लौकिक छन्दों पर लिखित गणितीय अनुप्रयोगों के साथ छन्दःशास्त्र | ||
| 500 | _aमुख्य रूप से हलायुध भट्ट की टीका पर आश्रित और आधिनिक गणितशास्त्र के प्रत्यय विचार के सहित | ||
| 650 |
_aसंस्कृत भाषा _cदशमलव प्रणाली और छंदबद्धता |
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| 650 |
_aSanskrit language _cMetrics and rhythmics |
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| 650 |
_aसंस्कृत कविता _xइतिहास एवं समालोचना |
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| 650 |
_aSanskrit poetry _xHistory and criticism |
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| 700 | _aद्विवेदी, कपिलदेव | ||
| 700 | _aश्यामलाल सिंह | ||
| 942 |
_2ddc _cHN _mपिंगल _h410 |
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| 999 |
_c18375 _d18375 |
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