| 000 | 01022nam a22002177a 4500 | ||
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| 999 |
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| 005 | 20190629115155.0 | ||
| 010 | _aHIN-116383 | ||
| 020 |
_c395.00 _a9789388183819 |
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| 035 | _aHN-88729 | ||
| 037 | _bDBAD/PUB | ||
| 082 | _a821 | ||
| 100 | _aजेना,मोनालिसा | ||
| 245 |
_aरहो तुम नक्षत्र की तरह : _cमोनालिसा जेना एवं दुष्यन्त द्वारा अनुवादित _bओड़िया कविताएँ / |
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| 246 | _aRahoTum Nakshatra Ki Yarah / | ||
| 260 |
_aनई दिल्ली _bराजकमल प्रकाशन _c2018 |
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| 270 |
_bनई दिल्ली _a1-बी नेताजी सुभाष मार्ग,दरियागंज, _e110002 _mwww.rajkamalprakashan.com |
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| 300 |
_a123पृ. _c22सेमी.(सजिल्द ) |
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| 650 | _aहिन्दी कविता | ||
| 700 | _977990 | ||
| 942 |
_2ddc _cHN _h821 _mजेनामो |
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