| 000 | 02371nam a2200253 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 008 | 180120b xxu||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 010 | _aB-194595 | ||
| 035 | _aB-194595 | ||
| 037 | _bCen Lib / Ret | ||
| 040 |
_aDPL _bHN |
||
| 082 |
_a230.22 _bपुराण |
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| 100 | _aश्री श्रीमद अभयचरणारविन्द भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद | ||
| 245 |
_aश्रीमद् भागवतम् / _cश्री श्रीमद अभयचरणारविन्द भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद |
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| 246 |
_aSrimad Bhagvatam / _bSri Srimad Abhaycharnavind bhaktvedant Swami Parbhupad |
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| 260 |
_aहैदराबाद _bभक्तवेदान्त बुक ट्रस्ट _c1993 |
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| 270 |
_aभक्तवेदान्त बुक ट्रस्ट _bहैदराबाद |
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| 300 |
_av 1. ; v 2. ; v 3.; v 4(1). ; v 4(2) 716 ; 707 ; v 5. ; v 6. 727 ; v 7. 765 ; v 8. 667 ; v 9. 581 ; v 10(1). 627 ; v 10(4). 683 ; v 11(1). 651 ; v 11(2) 747 _b24cm(Hb) |
||
| 505 | _av.4(1) "चतुर्थ आश्रम की उत्पति" भाग एक --अध्याय 1-19 ; v 4(2) चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति भाग दो अध्याय 20-31 ; v 6. "मनुष्य के लिए विहित कार्य' सम्पूर्ण षष्ठ स्कंध v 7. "भगवत् विज्ञान" सम्पूर्ण सप्तम स्कंध ; v 8. ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन' सम्पूर्ण अष्ठम स्कंध v 9. "मुक्ति'' सम्पूर्ण नवं स्कंध ; v 10 (4). 'परम पुरूषार्थ' भाग चार अध्याय 70-90 ; v 11(1). ‘सामान्य इतिहास’ भाग एक अध्याय 1-12 ; v 11(2). ‘सामान्य इतिहास’ भाग दो अध्याय 13-39 ; v | ||
| 650 | _aHindu Relition | ||
| 650 | _aHindu philosophy | ||
| 650 | _aहिंदू दर्शन | ||
| 650 | _aहिंदू धर्म | ||
| 942 |
_2ddc _cHN _h230.22 _mपुराण |
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| 999 |
_c122122 _d122122 |
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