| 000 | 01328nam a22002777a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20170124102923.0 | ||
| 010 | _aA-383845 | ||
| 020 |
_c80.00 _a8170551757 |
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| 035 | _aA-383845 | ||
| 037 | _bCen Lib/Ret | ||
| 040 |
_aDPL _bHN |
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| 082 |
_a823.08 _bजैन |
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| 100 |
_aजैन ,नेमिचंद्र _942634 |
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| 245 |
_aअधूरे साक्षात्कार : _cनेमिचंद्र जैन _bस्वतंत्रता के बाद के प्रमुख उपन्यासों का सर्वागीर्ण विवेचन / |
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| 246 |
_aAdhure sakshatkar :swatantrta ke bad ke pramukh upanyaso ka sarvagin vivechan _bby Namichandr Jain |
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| 260 |
_aनई दिल्ली _bवाणी प्रकाशन _c1966 |
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| 270 |
_a4697/5, ए-दरया गंज _bनई दिल्ली _e110002 |
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| 300 |
_axii,191पृष्ठ. _c20सजिल्द |
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| 500 | _aअनुक्रमणिका शामिल | ||
| 650 |
_aहिंदी साहित्य _942635 |
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| 650 |
_aकथा साहित्य _94735 |
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| 650 |
_aहिंदी लिटरेचर _942636 |
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| 650 |
_aहिंदी नोवेल्स _942637 |
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| 700 | _942583 | ||
| 942 |
_2ddc _cHN _h823.08 _mजैन |
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| 999 |
_c111405 _d111405 |
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