अज्ञेय होने का अर्थ/
820.08पालीवा
पालीवाल, कृष्णदत्त
अज्ञेय होने का अर्थ/ कृष्णदत्त पालीवाल.- नई दिल्ली:वाणी प्रकाशन,2012.
212 पृ.;21 से.मी (सजिल्द)
Note: वत्सल-निधि-न्यास हीरानन्द शास्त्री स्मारक व्याख्यान माला-15,अज्ञेय स्मृति व्याख्यान-2007
ISBN:9789350007808 Rs. 425.00
DBAD / PUB / प्रकाशन संस्थान /HIN-96802 B-525642 B-665459/ B-665449 / 425.00 /sign HN-69148 / 425.00 /sign B-525642 / 425.00 /sign
