निद्रा में ही छिपी है जागृति /
821चक्रव
चक्रवर्ती, विजय
निद्रा में ही छिपी है जागृति / विजय चक्रवर्ती.- शाहजहाँपुर:विवेक प्रकाशन,2009.
103पृ.;22सेमी (सजिल्द)
Note: समान ISBN 8181790111 शीर्षक भुवनेश्वर के नाटक चिंतन और स्वरूप /?
ISBN: Rs. 125.00 ISBN:9788181790118 Rs.
DBAD / PUB /HIN-92379/ HN-64725 / 125.00 /sign
