अलख निरंजन /
821कविशु
कवि 'शुष्क'
अलख निरंजन / कवि 'शुष्क'.- नई दिल्ली:डायमंड पॉकेट बुक्स,2010.
192पृ.;22सेमी (सजिल्द)
Note: तीखे-तीखे व्यंग्य एवं मर्मस्पर्शी चित्रणों से भरेः 1700 धारदार दोहों का तुफान !गाँव-कस्बे-देश-परदेश के परिवेश से जुड़ी तमाम असंगतियों की दास्तान
ISBN:9788128828614 Rs. 300.00
DBAD/PUB /HIN-91411/ HN-63757 / 300.00 /sign
