अपने ही होने पर/
821कंरदी
करंदीकर, विंदा
अपने ही होने पर/ विंदा करंदीकर; विजया राजाध्यक्ष और पुष्पा भारती द्वारा संपादित.- नई दिल्ली:भारतीय ज्ञानपीठ,2006.
366पृ;22सेमी (सजिल्द)
-( ).
Note: ज्ञानपीठ पुस्कार द्वारा सम्मानित कृति
ISBN:8126312645 Rs. 300.00
पु.प्र.अ.प्र/प्रका / भारतीय ज्ञानपीठ/ PUB /B-284111 B-381301-322 G-002720/ B-381314 / 300.00 /sign B-381318 / 300.00 /sign B-381305 / 300.00 /sign B-381317 / 300.00 /sign B-381321 / 300.00 /sign B-381320 / 300.00 /sign B-381309 / 300.00 /sign B-381310 / 300.00 /sign B-381306 / 300.00 /sign B-381301 / 300.00 /sign B-381302 / 300.00 /sign B-381303 / 300.00 /sign B-381304 / 300.00 /sign G-002720 / 300.00 /sign B-381319 / 300.00 /sign B-381307 / 300.00 /sign B-381313 / 300.00 /sign B-381315 / 300.00 /sign B-381308 / 300.00 /sign B-284111 / 300.00 /sign B-381316 / 300.00 /sign B-381322 / 300.00 /sign B-381311 / 300.00 /sign B-381312 / 300.00 /sign
